भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी | Freedom Fighters in Hindi

साथियों अगर आज हम भारत की सड़कों पर आजादी से घूम रहे हैं तो उसके पीछे हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान छुपा हुआ है। अंग्रेजों ने लगभग 200 सालों तक हमारे देश पर राज किया तथा भारत और भारत वासियों को अपना गुलाम बना कर रखा।

अंग्रेज भारत में इस बहाने से आए थे कि वह यहां अपना व्यापार करेंगे लेकिन उन्होंने धीरे-धीरे भारत में सभी जगहों पर कब्जा करना शुरू कर दिया और उन्होंने यहां पर अपनी सत्ता बना ली।

अंग्रेजों ने भारतीय लोगों पर बहुत अत्याचार किया, अंग्रेज भारतीय लोगों के साथ नौकरों से भी बदतर व्यवहार करते थे। अंग्रेजों का अत्याचार सहते-सहते भारत के लोग अब पूरी तरह टूट चुके थे तभी उनमें से कुछ ऐसे वीर थे जिन्होंने अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई और अब इस अत्याचार को जड़ से खत्म करने का निश्चय किया।

सैकड़ों वर्षो की गुलामी से जकड़ा हुआ भारत आज आजाद है तो इसके पीछे हमारे वीर स्वतंत्रता सेनानियों का सबसे बड़ा योगदान है जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।

यह स्वतंत्रता सेनानी अपना घर परिवार सब छोड़कर भारत को आजादी दिलाने के लिए अपनी आखरी सांस तक लड़े और अंत में भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराया ऐसे वीरों को हमारा शत-शत नमन है चलिए इन स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और इनके बारे विस्तार से जानते हैं।

1. महात्मा गांधी :

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जिन्हें लोग प्यार से बापू भी कहते थे इन्होंने भारत को आजादी दिलाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था।

महात्मा गांधी ने भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी दिलाने के लिए कई बड़े आंदोलन चलाएं जिनमें असहयोग आंदोलन, खिलाफत आंदोलन, चंपारण और खेड़ा सत्याग्रह शामिल हैं।

महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा का मार्ग कभी नहीं छोड़ा उन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए भारत को आजादी दिलाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। अंग्रेजों की गुलामी से भारत को आजाद करने के लिए महात्मा गांधी ने भारत के देशवासियों को “करो या मरो” का नारा दिया।

2. शहीद उधम सिंह :

शहीद उधम सिंह का जन्म 31 जुलाई 1899 में संगरूर जिला, पंजाब, भारत में हुआ था। जलियांवाला बाग हत्याकांड में जनरल डायर द्वारा गोली मारकर हजारों लोगों की हत्या कर दी गई। यह बात उधम सिंह को बर्दाश्त नहीं हुई और इसका बदला लेने के लिए उधम सिंह ने लंदन में जनरल डायर को गोली मार दी। जिसके लिए उन्हें 31 जुलाई 1940 को फांसी दे दी गई।

3. शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव :

शहीद भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब में हुआ था भगत सिंह में बचपन से ही देश के प्रति कुछ करने का जज्बा था। शहीद भगत सिंह ने गांधी जी द्वारा चलाया गया असहयोग आंदोलन में हिस्सा लिया और इसे सफल बनाने के लिए अपना योगदान दिया।

शहीद भगत सिंह के दो और साथी जिनका नाम राजगुरु और सुखदेव था उन्होंने भी भारत को आजादी दिलाने में अपना संपूर्ण योगदान दिया और आखरी सांस तक वह भारत के लिए लड़े।

वर्ष 1929 में भगत सिंह ने संसद में एक योजना के तहत बम फेंका जिसमें किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई लेकिन ऐसा करने के लिए उन्हें 23 मार्च 1931 को राजगुरु और सुखदेव के साथ फांसी दे दी गई। फांसी के समय भी उनमें बिल्कुल भी भय नहीं था और वह साथ में मिलकर “रंग दे बसंती चोला” गीत गा रहे थे।

4. चंद्रशेखर आजाद :

चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को भाबरा गांव, उन्नाव में हुआ था। चंद्रशेखर आजाद स्वतंत्रता संग्राम में राम प्रसाद बिस्मिल और भगत सिंह के साथ शामिल थे।

चंद्रशेखर आजाद हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य भी थे, चंद्रशेखर आजाद ने सांडर्स की हत्या करके लाला लाजपत राय की मौत का बदला लिया। लेकिन एक दिन चंद्रशेखर आजाद अल्फ्रेड पार्क में बैठे हुए थे तभी उन्हें पुलिस ने घेर लिया लेकिन वह वहां से भाग निकले और अंतिम सांस तक वह ब्रिटिश सरकार के हाथ नहीं आए।

अंत में चंद्रशेखर आजाद ने खुद को गोली मार ली।

5. झांसी की रानी लक्ष्मी बाई :

झांसी की रानी का जन्म 19 नवंबर 1928 को वाराणसी उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ था।

वर्ष 1857 में अंग्रेजों से हुई लड़ाई में रानी लक्ष्मीबाई का महत्वपूर्ण योगदान रहा आज भारत में रानी लक्ष्मीबाई का नाम स्वतंत्रता सेनानी के रूप में बड़े सम्मान से लिया जाता है।

रानी लक्ष्मीबाई ने भारत की आजादी के लिए लड़ते-लड़ते 18 जून 1858 में अपने प्राण त्याग दिए।

6. लाल बहादुर शास्त्री :

इनका जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश में हुआ था भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी दिलाने के लिए इन्होंने अनेक आंदोलनों जैसे भारत छोड़ो आंदोलन, असहयोग आंदोलन और दांडी मार्च जैसे आंदोलन में हिस्सा लिया और अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

लाल बहादुर शास्त्री ने “जय जवान जय किसान” का नारा दिया था। लाल बहादुर शास्त्री की देशभक्ति और ईमानदारी के कारण यह भारत के दूसरे प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं तथा इन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया है, वर्ष 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में उन्होंने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दिलाई।

7. पंडित जवाहरलाल नेहरू :

जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था जवाहरलाल नेहरू को आज हर एक बच्चा जानता है।

जवाहरलाल नेहरू बच्चों से बहुत प्यार करते थे और बच्चे इन्हें चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे। भारत को आजादी दिलाने में जवाहरलाल नेहरू ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया और 1929 में महात्मा गांधी से प्रभावित होकर जवाहरलाल नेहरू ने सविनय अवज्ञा आंदोलन में हिस्सा लिया।

8. डॉ राजेंद्र प्रसाद :

राजेंद्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर 1884 को जीरादेई, बिहार में हुआ था यह भारत के प्रथम राष्ट्रपति भी रहे।

भारत की आजादी की लड़ाई में राजेंद्र प्रसाद का मुख्य रूप से योगदान रहा है, राजेंद्र प्रसाद ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के रूप में प्रमुख भूमिका निभाई।

9. सुभाष चंद्र बोस :

सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक, उड़ीसा में हुआ था सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजो के खिलाफ आजाद हिंद फौज का गठन किया।

सुभाष चंद्र बोस ने I.C.S की नौकरी त्याग कर अपना संपूर्ण जीवन भारत देश को आजाद करने के लिए समर्पित कर दिया।

17 अगस्त 1945 को भगत सिंह एक प्लेन में बैठे हुए थे लेकिन वह प्लेन क्रैश हो गया और सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु हो गई लेकिन आज भी उनके योगदान को नहीं भुलाया जा सकता।

10. मंगल पांडे :

मंगल पांडे का जन्म 19 जुलाई 1827 को बालियां, उत्तर प्रदेश में हुआ था मंगल पांडे ने सन् 1857 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अपनी प्रमुख भूमिका निभाई।

मंगल पांडे ईस्ट इंडिया कंपनी में एक सैनिक थे। 21 मार्च 1857 को मंगल पांडे ने लेफ्टिनेंट बाग पर हमला किया और उसे घायल कर दिया।

लेकिन 8 अप्रैल 1857 में मंगल पांडे को विद्रोह के चलते फांसी दे दी गई फांसी देने के तुरंत बाद अंग्रेजो के खिलाफ विद्रोह पूरे उत्तर भारत में फैल गया।

11. सरदार वल्लभभाई पटेल :

इनका जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात में हुआ था सरदार वल्लभ भाई पटेल को लौह पुरुष भी कहा जाता है इन्होंने 1928 में गुजरात में बारडोली आंदोलन का नेतृत्व किया था।

भारत के आजाद होने के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल प्रथम गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री भी बनें।

12. सरोजनी नायडू :

सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी 1879 को हैदराबाद भारत में हुआ था सरोजिनी नायडू एक सामाजिक कार्यकर्ता और कवित्री थी।

सरोजिनी नायडू भारतीय नेशनल कांग्रेस की पहली महिला गवर्नर बनी वह भारत के संविधान के लिए बनी कमेटी की मेंबर भी थी।

उन्होंने देश के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों के साथ मिलकर आजादी की लड़ाई में अपना सहयोग दिया।

भारत को आजादी दिलाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के नाम :

1.महात्मा गांधी
2.शहीद उधम सिंह
3.शहीद भगत सिंह
4.शिवराम राजगुरु
5. सुखदेव थापर
६.चंद्रशेखर आजाद
७.झांसी की रानी लक्ष्मी बाई
८.लाल बहादुर शास्त्री
९.पंडित जवाहरलाल नेहरू
10.डॉ राजेंद्र प्रसाद
११.सुभाष चंद्र बोस
12.मंगल पांडे
१३.सरदार वल्लभभाई पटेल
१४.सरोजनी नायडू
१५.नाना साहेब
१६.बाल गंगाधर तिलक
१७.लाला लाजपत राय
18.भीमराव अम्बेडकर
१९.बिरसा मूंडे
२०.अशफाक़उल्ला खान
21.कमलादेवी चट्टोपाध्याय
22.बेगम हज़रत महल
23.बहादुर शाह जफ़र
24.बिपिन चन्द्र पाल
25.राम प्रसाद बिस्मिल
26.दुर्गावती देवी
27.चित्तरंजन दास
28.राजा राममोहन दास
29.तांतिया टोपे
30.चित्तरंजन दास
31.वीर विनायक दामोदर सावरकर
32.कस्तूरबा गाँधी
33.रविन्द्रनाथ टैगोर
34.दादाभाई नौरोजी
35.रसबिहारी बसु
36.जय प्रकाश नारायण
37.बटुकेश्वर दत्त
38.गणेश घोष
39.गणेश शंकर विघार्थी
40.कल्पना दत्ता
41.मदन लाल ढींगरा
42.बीना दास
43.सूर्या सेन
44.करतार सिंह सराभा
45.गोविन्द वल्लभ पन्त
46.सुबोध रॉय
47.करतार सिंह सराभा
48.राम मनोहर लोहिया
49.बिधान चंद्र रॉय
50.भूलाभाई देसाई
51.विट्ठल भाई पटेल

इन वीरों के साहस, सहयोग और बलिदान के कारण ही आज हमारा भारत देश एक आजाद देश है।

स्वतंत्रता सेनानियों के प्रमुख नारे :

SloganName
करो या मरो,

भारत छोड़ो
महात्मा गाँधी
इंकलाब जिंदाबादशहीद भगत सिंह
तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा

आज़ादी मिलती नहीं है बल्कि इसे छीनना पड़ता है,


जय हिन्द,


दिल्ली चलो
सुभाष चंद्र बोस
आराम हराम हैजवाहर लाल नेहरू
जय जवान जय किसानलाल बहादुर शास्त्री
सत्यमेव जयतेपंडित मदन मोहन मालवीय
कर मत दोसरदार वल्लभाई पटेल
विजयी विश्व तिरंगा प्याराश्याम लाल गुप्ता
वन्दे मातरमबंकिम चंद्र चटर्जी
जन गण मन अधिनायक जय हेरविंद्रनाथ टैगोर
स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार हैबाल गंगाधर तिलक
सरफ़रोशी की तमन्ना, अब हमारे दिल में हैराम प्रसाद बिस्मिल
सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमाराइकबाल
मैं आजाद था, आजाद हूं और आजाद ही रहूंगा,

अब भी जिसका खून न खौला खून नहीं वो पानी है…जो ना आये देश के काम वो बेकार जवानी है
चंद्रशेखर आजाद
राख का हर कण मेरी गर्मी से गतिमान है, मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में भी आजाद हैभगत सिंह
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