भारत की बढ़ती जनसंख्या | Essay on population in Hindi

भारत की बढ़ती जनसंख्या के मुख्य बिंदु–

 1. बढ़ती जनसंख्या। 2. जनसंख्या में होने वाली वृद्धि के प्रमुख कारण। 3. जनसंख्या में वृद्धि से हानियां। 4. बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण के प्रमुख उपाय।

बढ़ती जनसंख्या

भारत की जनसंख्या विश्व की कुल जनसंख्या का 16% है, जब हमारा देश आजाद हुआ था तो उस समय यह लगभग 33 करोड़ थी। लेकिन सन 2001 में हुई जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या 102.8 करोड़ है।
यह पढ़कर आप समझ ही गए होंगे कि भारत की जनसंख्या कितनी तीव्र गति से बढ़ रही है और यह आने वाले समय में विशेष रूप से चिंता का विषय है।

चलिए हम इसके बारे में थोड़ा विस्तार से चर्चा करते हैं, भारत की आबादी विश्व की कुल आबादी का 16% है, लेकिन भारत के पास रहने के लिए विश्व की कुल भूमि का 2% ही है, यहां जनसंख्या का घनत्व काफी ज्यादा बढ़ गया है आसान भाषा में कहा जाए तो संसाधन और सुविधाओं की तुलना में उपभोक्ताओं की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है।

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लगातार बढ़ती जनसंख्या निरंतर चिंता का कारण बनते जा रही है।
लेकिन हमारे देश की एक विडंबना यह भी है कि जहां लोगों की संख्या तेजी से बढ़ते जा रही है वहीं जानवरों की संख्या कम होते जा रही है इस विषय पर हमें काफी विचार करने की आवश्यकता है हम अपनी सुविधा के लिए तेजी से वनों का कटान कर रहे हैं, जो वन्यजीवों के रहने का घर है इसके बारे में हम बिल्कुल भी नहीं सोच रहे हैं।

जनसंख्या में होने वाली वृद्धि के प्रमुख कारण

भारत में बढ़ती जनसंख्या का मुख्य कारण है जन्म दर में कमी ना आना।
आज भी हमारे समाज में कुछ ऐसे लोग हैं जो जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणामों से लगभग अनजान–से हैं उन्हें अभी भी यह जानकारी नहीं है कि हमारे देश की जनसंख्या कितनी तेजी से बढ़ते जा रही है जनसंख्या को घटाने का महत्व वह समझते ही नहीं है समस्या का एक विशाल रूप ये है कि जिसके पास ना रहने को घर है ना खिलाने को रोटी है और जो शिक्षा के प्रति उदासीन है जन्म दर उनकी ओर सर्वाधिक है।

गंदगी, बीमारी, भूख, कुपोषण, बेरोजगारी और कई तरह की समस्याएं इनके साथ चलती हैं। पुत्र प्राप्ति की कामना भी जनसंख्या वृद्धि का एक मुख्य कारण बनता जा रहा है कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां यह प्रथा आज भी लागू है।

कहीं भी किसी प्रकार का कोई अंकुश है ही नहीं। और भारत का अभी भी कुछ हिस्सा ऐसा है जो जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण के बारे में बिल्कुल भी सोचना नहीं चाहता। उसे इन सब बातों से कोई लेना-देना नहीं है यह ऐसी समस्याएं हैं जो अपने आप ठीक नहीं होंगी इन्हें ठीक करने के लिए आपको और हमको जागरूक होना पड़ेगा और केवल इतना ही नहीं उन लोगों को भी जागरूक करना पड़ेगा जो इन सभी समस्याओं को बढ़ावा दे रहे हैं यदि हम ऐसे ही बैठे रहे तो एक वक्त ऐसा आएगा कि हमारे देश में रहने की भी जगह नहीं बचेगी। और रहने की बात छोड़िए हमारे खाने की समस्या अत्यधिक बढ़ जाएगी हम किसी चमत्कार की आशा में बैठे नहीं रह सकते। चमत्कार हमें खुद ही करना पड़ेगा।

जनसंख्या वृद्धि से होने वाली हानियां

जनसंख्या वृद्धि से होने वाली सबसे मुख्य और सबसे बड़ी समस्या यह है कि भारत में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है यह एक ऐसी समस्या है जो शायद ही कभी खत्म हो सकेगी इसी बेरोजगारी के कारण समाज में अपराध बढ़ते जा रहे हैं जाहिर सी बात है कि यदि किसी व्यक्ति को रोजगार नहीं मिलेगा तो वह अपना पेट भरने के लिए अपराध का रास्ता ही अपनाएगा।

बाजारों और मेलों में भयंकर भीड़ है। सड़कों पर भीड़ है अब तो चिकित्सकों के यहां भी बुकिंग के 3 से 4 दिन बाद कहीं जाकर आपका नंबर आता है यह भी हमारे देश की जनसंख्या में वृद्धि को दर्शाता है यह सभी दुष्परिणाम जनसंख्या की अधिकता के हैं हरित क्रांति तो हुई पर देश का किसान ही भूखा मर रहा है।

बढ़ती जनसंख्या में सुविधा लाने के लिए तेजी से वाहनों का निर्माण बढ़ रहा है जिसके कारण लोगों को सुविधा तो हो रही है लेकिन सड़कों पर चलने की जगह भी नहीं बची है यदि आप सड़कों पर निकलेंगे तो लोगों से ज्यादा आपको गाड़ियां देखने को मिलेगी और केवल इतना ही नहीं इसके कारण दुर्घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं आए दिन कोई ना कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाता है। यह एक गंभीर विषय है जनसंख्या वृद्धि का।

व्यवसाय उद्योग के धंधे बड़े तो हैं लेकिन फिर भी जनसंख्या के भारी बोझ को यह भी संभाल नहीं पा रहे हैं कई क्षेत्रों में बेरोजगारी को कम करने के लिए सरकारी और गैर सरकारी तथा निजी स्तर पर अस्पताल और स्कूल कॉलेज खोले गए हैं लेकिन यह प्रयास भी बिल्कुल व्यर्थ सिद्ध हो रहे हैं।

हमें इन सभी बातों को गंभीरता से लेना होगा और इनकी निवारण के बारे में सोचना होगा यदि इसके बारे में आप और हम नहीं सोचेंगे तो कोई भी नहीं सोचेगा।

जनसंख्या में वृद्धि पर नियंत्रण के प्रमुख के उपाय

जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण के लिए हमें सबसे पहले जागरूक होना पड़ेगा और लोगों को भी जागरूक करना पड़ेगा क्योंकि जब आप खुद जागरूक होंगे तभी आप दूसरों को जागरूक कर सकेंगे इसके लिए हमें मुख्य रूप से परिवार कल्याण परिवार नियोजन कार्यक्रमों को सफल बनाना होगा तथा लोगों में शिक्षा का प्रसार बढ़ाना होगा।और सीमित परिवार के महत्व का ज्ञान और गर्भनिरोधक उपायों के प्रति जनता की रुचि को जागृत करना होगा।

आज भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां बाल विवाह की प्रथा अभी भी लागू है और उस क्षेत्र में इस प्रथा को आज भी बढ़ावा मिल रहा है। हमें आवश्यकता है, उन्हें जागरूक करने की और बाल विवाह को रोकने की।

भारत को युवाओं का देश माना जाता है क्योंकि यहां युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है इसलिए प्रत्येक युवाओं को अधिक सक्रियता की आवश्यकता है तभी हम अपने भारत में खुशियां ला सकेंगे और सुख समृद्धि की संभावनाओं को साकार कर सकेंगे प्रत्येक व्यक्ति को एक होना पड़ेगा क्योंकि यह काम कोई अकेला नहीं कर सकता जब हम सभी एक होंगे तभी हम जनसंख्या वृद्धि में नियंत्रण को सफल बना सकते हैं और एक अच्छा जीवन जी सकते हैं इससे हमारा भारत भी खुशहाल होगा और भारत में रहने वाले लोग भी खुशहाल होंगे।

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