स्मार्टफोन की बैटरी जल्दी खत्म होने के कारण

नमस्कार दोस्तों, आज के समय में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई-नई चीजों का विकास हो रहा है, आज हमें टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रोज नई-नई चीजें देखने को मिलती है जब भी हम सुबह उठते हैं हम टीवी और अखबारों में देखते हैं कि आज यह स्मार्टफोन लॉन्च हो गया, इसमें काफी अच्छी स्पेसिफिकेशन(Specifications) है, आज यह टीवी बाजार में आई है और भी बहुत कुछ।

आज के समय में जो सबसे ज्यादा लोगों के बीच प्रसिद्ध है और जिसकी डिमांड लगातार बढ़ते ही जा रही है शायद आप समझ ही गए होंगे, वह हैं हमारे स्मार्टफोन।

एक स्मार्टफोन कंपनी दूसरे स्मार्टफोन कंपनी को टक्कर देने के लिए उससे अच्छे स्पेसिफिकेशन(Specifications) के साथ नए-नए स्मार्टफोन लॉन्च करते जा रही है।

स्मार्टफोन कंपनियों में एक जंग सी चल रही है, कि कौन सबसे अच्छे स्मार्टफोन लांच कर सकता है और ये स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए काफी अच्छी बात है, उन्हें अच्छे स्पेसिफिकेशन के साथ एक अच्छे स्मार्टफोन भी कम दाम में देखने को मिल जाते हैं।

एक स्मार्टफोन उपयोगकर्ता को भला इससे ज्यादा क्या चाहिए। लेकिन इन स्मार्टफोन में एक जरूरी चीज जो हर स्मार्टफोन उपयोगकर्ता के लिए बहुत मायने रखती है वह स्मार्टफोन की बैटरी।

हालांकि स्मार्टफोन कंपनियां अपने स्मार्टफोन में अच्छी बैटरी भी उपलब्ध करा रही है जिससे उपयोगकर्ता को कोई शिकायत ना हो लेकिन फिर भी आज के स्मार्टफोन की बैटरी हमारा साथ 1 दिन भी मुश्किल से निभा पाती है।

आज हम इसी के बारे में बात करने वाले हैं कि हमारे स्मार्टफोन की बैटरी इतनी जल्दी खत्म क्यों हो जाती है तो चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

स्मार्टफोन की बैटरी जल्दी खत्म होने के कारण :

हम कई बार हम सोचते हैं कि आखिर हमारे स्मार्टफोन की बैटरी इतनी जल्दी खत्म कैसे हो जाती है जबकि उसमें हमें इतनी बड़ी बैटरी देखने को मिलती है आपने कई बार ध्यान दिया होगा कि हमारे जो पहले keypad मोबाइल फोन होते थे, उनमें छोटी बैटरी होने के बावजूद भी वह एक-एक हफ्ते आराम से चल जाते थे। और आज के हमारे स्मार्टफोन है, जिनमें इतनी बड़ी बैटरी होने के बावजूद भी वह 1 दिन भी बड़ी मुश्किल से निकाल पाते हैं। तो आप सोचते होंगे कि आखिर ऐसा क्यों होता है।

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इसका जो मुख्य कारण है वह है इसकी बैटरी की टेक्नोलॉजी।
वह इतने अच्छे से विकसित नहीं हो पाई है और जो स्मार्टफोन के दूसरे कंपोनेंट है वह तेजी से इंप्रूव(Improve) होते जा रहे हैं।

जैसे पहले निकिल केडियम बैटरियां होती थीं और उसके बाद अब लिथियम आयन बैटरी आ गई तो लिथियम आयन पर स्थानांतरण करने पर कुछ खास परिवर्तन नहीं हुआ हम कई सालों से लिथियम आयन बैटरियों को ही प्रयोग में ला रहे हैं, तो उनकी जो Capacity होती है केवल उनको ही बढ़ाया जा रहा है।  उसकी गुणवत्ता पर कुछ खास ध्यान नहीं दिया जा रहा।

कुछ समय पहले हम लिथियम आयन बैटरीओं का प्रयोग करते थे और आज लिथियम पॉलीमर बैटरी आ गयी है लेकिन इन दोनों में कुछ खास फर्क नहीं है देखा जाए तो यह दोनों सामान ही हैं।

जो लिथियम पॉलीमर बैट्री होती है वो थोड़ी फ्लैक्सिबल होती है और काफी हल्की भी होती है ऐसा इसलिए होता है जिससे इसे अपनी इच्छा अनुसार पतला बनाकर और इसे एक अच्छा सेप देकर स्मार्टफोन में फिक्स किया जा सके।
इसमें भी बैटरी का बैकअप हमें ज्यादा देखने को नहीं मिल पा रहा है। आज के समय में कंपनियां केवल बैटरियों के mAh बढ़ाने के ऊपर विश्वास दिखा रही है।

पहले हमें स्मार्टफोन में 2000mAh बैटरी वाले  स्मार्टफोन  देखने को मिलते थे। उसके बाद 3000mAh, 4000mAh, 5000mAh और अब तो 6000mAh बैटरी वाले स्मार्टफोन भी मार्केट में देखने को मिलने लगे हैं।
इससे यह पता चलता है कि कंपनियां केवल बैटरी को बढ़ाने के ऊपर ध्यान दे रही है उसकी गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं कर रही।

इसी कारण हमें बैटरी बैकअप कम देखने को मिलता है चाहे वह कितनी भी बड़ी क्यों ना हो। लेकिन यह बात भी जानने वाली है कि जिस प्रकार स्मार्टफोन ज्यादा एडवांस होते जा रहे हैं, उनमें पावर की आवश्यकता भी बढ़ते जा रही है, जैसे हम स्मार्टफोन के प्रोसेसर की बात करें तो इसे ज्यादा पावर की आवश्यकता होती है।

पहले आपको Singal Core प्रोसेसर देखने को मिलता था फिर उसके बाद Dual-core, Quard Core और अब  Octa Core प्रोसेसर देखने को मिलने लगे हैं।

उनके गीगाहर्टज की स्पीड बढ़ने लगी, और इन सभी चीजों के लिए पावर तो चाहिए ही। और उसके अलावा WiFi को पावर चाहिए Bluetooth, GPS और इनके अंदर जो Cellular Network के रेडियो रहते हैं, वह काफी बैटरी कंज्यूम(Consume) करते हैं।

इसके अलावा भी जो बाकी सारे स्मार्टफोन में कंपोनेंट लगे हुए हैं जैसे नोटिफिकेशन लाइट, वाइब्रेशन, स्पीकर यह भी स्मार्टफोन की काफी ज्यादा बैटरी कंज्यूम करते हैं। और इसके अलावा जो सबसे बड़ी चीज है वह है स्मार्टफोन की डिस्प्ले आपकी डिस्प्ले जितनी बड़ी होगी आपके स्मार्टफोन की बैटरी इतनी जल्दी खत्म होगी।

इसके अलावा भी स्मार्टफोन में बहुत सी ऐसी चीज है जो बैटरी कंज्यूम करती हैं, जैसे कि हमारे स्मार्टफोन में अलग-अलग सेंसर जैसे जायरोस्कोप, प्रॉक्सिमिटी, इंफ्रारेड, कंपास आदि।

इसीलिए स्मार्टफोन कंपनियां अपने स्मार्टफोन में बड़ी बैटरी है लगा देती हैं लेकिन यह इसका Parmanent Solution नहीं है।

इसके लिए कंपनियों को अपनी बैटरी को लेकर कुछ अलग करना पड़ेगा एक नई टेक्नोलॉजी बनानी पड़ेगी जिससे स्मार्टफोन की बैटरी और Improve की जा सके और उपयोगकर्ता को और भी बेहतर अनुभव मिल सके।

इन्हें भी जाने:

लेकिन इस प्रकार की टेक्नोलॉजी से अभी हम कुछ ज्यादा ही दूर हैं।
कुछ ऐसी चीजें हैं जो स्मार्टफोन के साथ की जा सकती हैं और इन्हें इंप्रूव(Improve) किया जा सकता है। जैसे कि सॉफ्टवेयर को इतने अच्छे से ऑप्टिमाइज किया जाए जिससे जो स्मार्टफोन की बैटरी है वह कम भी हो फिर भी काफी अच्छा चल सके, आपको Smooth Experience देखने को मिले और उसके साथ -साथ सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर को इस तरह मैनेज करें की बैटरी कम से कम खपत हो।

 

हालांकि की गूगल अपने एंड्रॉयड को इस प्रकार डिजाइन कर रही है की वह यूजर को स्मूथ एक्सपीरियंस दे। और उन्हें कोई दिक्कत का सामना भी ना करना पड़े। इसके लिए उसने AI Feature को भी निकाला था जो हमें एंड्राइड 9 Pie में भी देखने को मिलता है  लेकिन इसे नए एंड्रॉयड सिस्टम में इंप्रूव किया जा रहा है।

जिससे बैटरी की खपत कम हो, और आपके सभी काम आसानी से और काफी जल्दी भी हो सके। और फोन और एप्स का सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन भी बेहतर होना चाहिए जिससे वह उतनी ही बैटरी खपत(Consume) करेंगी जितनी उन ऐप को जरूरत है और जरूरत से ज्यादा बैटरी ना लें।

अगर स्मार्टफोन कंपनियां इस और ध्यान देती हैं तो आने वाले समय में हमें स्मार्टफोन में और भी अच्छा बैटरी बैकअप देखने को मिल सकता है जो कि हर एक स्मार्टफोन उपयोगकर्ता के लिए काफी लाभदायक होगा।

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